जैसा की आप अपने आसपास देखते ही हैं की आज के समय में छोटे बच्चों को भी स्मार्टफोन और लैपटॉप बखूबी चलाना आता है। आजकल इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी का जमाना हैं ज्यादा से ज्यादा सर्विसेज को ऑनलाइन किया जा रहा हैं फिर चाहे वो गवर्नमेंट सेक्टर हो या पब्लिक सेक्टर| स्कूलों में भी कोडिंग सिखाने की शुरुआत हो चुकी है और अब तो  6 से 10 साल तक के छोटे बच्चों को भी कोडिंग सिखाने की शुरुआत छोटी क्लासेज में ही शुरू की जा रही है| बच्चों में भी कोडिंग सीखने  की दिलचस्पी  काफी बढ़ रही है वैसे आजकल के जागरूक माता-पिता भी छोटी उम्र में ही बच्चों को कोडिंग सिखाना सही मानते हैं क्योंकि इससे बच्चों की सोचने की क्षमता तो बढ़ती ही है साथ ही अपने दैनिक जीवन में भी हर काम को सिस्टेमैटिक तरीके से करना सीख पाते हैं। आजकल तो बहुत से ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स और ऐप्स भी मिल जायेंगे हैं जिनके जरिए छोटे बच्चों से लेकर बड़ी उम्र तक के लोग आसानी से कोडिंग सीख रहे हैं।

इन प्लैटफॉर्म्स की मदद से बच्चे मजेदार तरीके से प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, कोडिंग और  डिजाइनिंग सीख पाते हैं। आज मैं स्क्रैच प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के बारे में कुछ जरूरी बाते आप लोगों के साथ शेयर करूँगा |

सबसे पहले आपके मन में ये सवाल हो सकता है की स्क्रैच प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है क्या?

तो इसका जवाब होगा की स्क्रैच एक तरह की विसुअल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जिसके जरिए 7-12 साल तक के छोटे बच्चे या अधिक उम्र के लोग भी कोडिंग सीख सकते हैं। स्क्रैच के जरिए बच्चे ना केवल कोडिंग करना सीख सकते हैं बल्कि खुद की इंटरैक्टिव स्टोरी, एनिमेशन, म्यूजिक या गेम बना सकते हैं। स्क्रैच एक बहुत ही मजेदार और काम में आने वाली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जिसे एमआईटी मीडिया लैब (MIT Media Lab) ने तैयार किया है। यह एक वर्चुअल प्रोग्रामिंग टूल है जिसमें सिर्फ ड्रैग और ड्रॉप करके ही मजेदार प्रोग्राम बनाइ जा सकते हैं। स्क्रैच को सपेसिअल्ली  छोटे बच्चों के  हिसाब से तैयार किया है। इसमें बच्चों को याद रखने के लिए कमांड (commands) को  टाइप करने की बजाय, पहले से बने बनाये बिल्डिंग ब्लॉक को काम में लिया जाता है।  इसमें कमांड एक कलरफुल ब्लॉक की तरह दिखती है जिनको  स्क्रीन पर पहेली/puzzle की तरह एक साथ फिट करना होता हैं ।बच्चों को इस तरह सीखने में आसानी होती है और वे मजेदार तरीके से कोडिंग सीख पाते हैं। mycslab–sikar की वेबसाइट www.mycslab.in के द्वारा  कोडिंग से जुड़ी हर बेहतरीन जानकारी आपको मिल जायेगी।

स्क्रैच प्रोग्रामिंग लैंग्वेज किस तरह है फायदेमंद?

आज के समय में हर चीज़ डिजिटलाइज़्ड हो गई है। स्मार्टफोन से लेकर स्मार्ट क्लासेज तक, हर जगह डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में बच्चों को छोटी उम्र में ही कोडिंग सीखने से उन्हें आगे जाकर बहुत फायदा हो सकता है, इसी सोच को ध्यान में रखकर स्कूलों में अब छोटी क्लास में ही कोडिंग सिखाना शुरू कर दिया है | इससे बच्चे कम उम्र में ही कोडिंग और डिजाइनिंग सीख पाते  हैं जिससे उन्हें आगे जाकर इस क्षेत्र में अपना करियर बनाने में बहुत मदद मिलती है। कोडिंग की मदद से बच्चे चीज़ों को सिस्टेमैटिक ढंग से करना तो सीखते ही हैं साथ ही  उनकी नॉलेज भी बढ़ती है। स्क्रैच पर टीचर्स के लिए भी एक प्रोग्राम है जिसके जरिए वे ऐप्स बना सकते हैं।

स्क्रैच 2.0 और स्क्रैच 3.0 में क्या अंतर है?

स्क्रैच का नया वर्शन स्क्रैच 3.0 है जिसे ऑफिशियली जनवरी 2019 में लॉन्च किया गया था। scratch 2.0 और scratch 3.0 में जो अन्तर हैं उनमे से कुछ हैं जैसे

  1. स्क्रैच 3.0 का user इंटरफ़ेस  स्क्रैच 2.0 की तुलना ज्यादा फीचर-रिच हैं , जिसमें ढेर सारे और रंग बिरंगे  स्प्राइट्स, कॉस्ट्यूम और बैकग्राउंड इमेज जैसे  बिल्ट-इन विजुअल एसेट्स फ्री में उपलब्ध है।
  2. स्क्रैच 3.0 में नए मोशन ब्लॉक्स और नए एक्सटेंशन (स्क्रैच 3.0 अब माइक्रो बिट, टेक्स्ट टू स्पीच, लेगो माइंडस्टॉर्म और और भी अलग अलग फीचर जुड़ चुकी हैं  )  स्क्रैच 2.0 एक्सटेंशन बीटा में था उसमे कई बग और बाकी issue भी थी जिन्हें वर्शन 3.0 में सही कर लिया गया है।
  1. स्क्रैच 3.0 में स्क्रैच 2.0 की तुलना में ज्यादा फ़ास्ट है , लेकिन क्यों?  चलिए मैं बता देता हूँ स्क्रैच 3.0  ज्यादा फ़ास्ट इसलिए है क्योंकि इस सॉफ्टवेर को एचटीएमएल 5 और जावास्क्रिप्ट में लिखा गया है, जो इन्टरनेट की मॉडर्न और काफी फ़ास्ट प्रोग्रामिंग लैंग्वेज मानी जाती हैं और इसलिए वेब ब्राउज़र(जिस सॉफ्टवेर में आप इन्टरनेट चालते हैं ) के भीतर ऑनलाइन प्रोग्रामिंग के लिए बहुत बेहतर काम करता है। जबकि “स्क्रैच 2.0” एडोब फ्लैश में लिखा गया था और इसलिए काम करने के लिए फ्लैश प्लेयर की जरूरत थी (जिसका मतलब यह भी था कि यह आईओएस डिवाइस जैसे आईपैड और आईफ़ोन के साथ काम करता ही नहीं था)।
  2. स्क्रैच 3.0 MIT मीडिया लैब और Google ने मिलकर इस सॉफ्टवेर को बनाया है | स्क्रैच के लिए  Google के ब्लॉकली लाइब्रेरी को काम में लिया गया था जबकि स्क्रैच 2.0 को एमआईटी मीडिया लैब द्वारा पूरी तरह से इन-हाउस विकसित किया गया था|

और अब में बात करूँगा की स्क्रैच शुरुआती कोडर्स के बीच इतना पोपुलर क्यों है

इसके तीन कारण हैं

स्क्रैच प्रोग्रामिंग आसान है

यह आसान है क्योंकि किसी भी नए कोडर को बस इच्छा के अनुसार ब्लॉक को ड्रैग और ड्रॉप करना है। ब्लॉक जिस तरह से जचे होते हैं वैसे वैसे  कंप्यूटर अपने आप कोड लिखता रहता है । कोई भी नया कोडर  ब्लॉक की साइज़ को अपने हिसाब से बढ़ा या घटा सकता हैं हर ब्लाक में दूसरा ब्लाक जोड़ने के लिए एक पाईप होता है जिससे दूसरा ब्लाक जोड़ा जा सकता हैं । अगर ब्लाक में पाइप या खांचा नहीं है तो , तो ब्लॉक के उस हिस्से से कोई दूसरा ब्लाक नहीं जोड़ा जा सकता हैं।

यह मजेदार है

जी हाँ ये काफी  मज़ेदार भी है क्योंकि किसी भी कोड को उसी टाइम जब हम ब्लाक को जोड़ रहे होते हैं स्टेज पर देखा जा सकता है| स्टेज नाम के एक अलग  सेक्शन में प्रोग्राम का आउटपुट दिखता रहता है ! अभी हाल ही में  स्क्रैच 3.0 के अपग्रेड में, एमआईटी मीडिया लैब की शानदार टीम ने कई प्यारे -प्यारे स्प्राइट्स भी जोड़े जो किसी भी बच्चे जो अच्छे लगेंगे। इस तरह ब्लाक को जोड़ जोड़ कर प्रोग्राम बनाओ, बात करो, नाचो, हंसो या गाओ – क्रिएटिविटी की कोई हद नहीं!

ये काफी स्ट्रोंग सॉफ्टवेर है 

यह सॉफ्टवेर स्ट्रोंग है क्योंकि एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के रूप में, स्क्रैच में न केवल ढेर सारी फीचर है बल्कि यह पाइथन, जावास्क्रिप्ट और जावा जैसी जानी मानी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज से भी काफी मेल खाता है और इसका सीधा सा मतलब ये है की अगर आपने स्क्रैच से  प्रोग्राम बनाना समझ लिया तो आप किसी भी तरह की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को आसानी से समझ सकते हैं, काम कर सकते हैं |

स्क्रैच/scratch को डाउनलोड करने के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

Scratch website

Online Scratch Practice/Playground

तो आज मैंने स्क्रैच क्या है ,इसके फायदे, वर्शन 2.0 और 3.0 में अन्तर और बच्चों के बीच ये प्रोग्रामिंग क्यों पोपुलर है इस बारे में बात की| मैं आशा करता हूँ की आपको ये जानकारी अच्छी लगी है | ऐसे ही जानकारी की लिए विजिट कीजिये हमारा youtube channel , इन्स्टा और  फेसबुक  प्रोफाइल हम आपको इन्टरनेट पर mycslab सीकर के नाम से मिल जायेंगे |

तो मिलते हैं कुछ और नयी जानकारी के साथ , तब तक के लिए गुड बाय  

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